अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर श्रेष्ठ समाज की स्थापना में अध्यात्मिकता का महत्व विषय पर ब्रह्म कुमारी आश्रम में 150 शिक्षकों को श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया गया एवं उल्लास नवभारत कार्यक्रम के तहत नव साक्षरों को अंकसूची प्रदान की गई।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा बताया गया कि आपके द्वारा किए गए श्रेष्ठ परिणामों के आधार पर ही पुरस्कृत किया जा रहा है। शासन प्रशासन में सभी लोग मिलकर ही बुराइयों को दूर कर सकते है, नैतिक मूल्यों को विकसित कर सकते है। जिले के प्रत्येक गाँव में कम से कम 20 व्यक्ति कार्यरत है। हर व्यक्ति की सक्रिय सहभागिता बहुत ही आवश्यक है। हम सभी को मिलकर शिक्षा और स्वास्थ्य पर गम्भीरतापूर्वक एवं सार्थक कार्य करने की जरूरत है कलेक्टर द्वारा साक्षरता परीक्षा में उत्तीर्ण हुए नव साक्षरों को अंकसूचियाँ प्रदान की गई।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार द्वारा अपने उद्बोधन में बताया कि वर्तमान में आधुनिक सुख सुविधाएं बहुत उपलब्ध हो गई है लेकिन अध्यात्मिकता दृष्ठि से अभी भी हम नासमझ है समाज को श्रेष्ठ बनाने के लिए नैतिक मूल्यों को अपनाना बहुत ही आवश्यक है। जो भी बुराइयाँ हमारे अंदर है उसे दूर करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। श्रेष्ठ समाज की स्थापना में अध्यात्मिकता का महत्व को लेकर इंदौर से बिलासपुर तक प्रशासनिक विभाग एवं समाज सेवा प्रभाग ब्रह्म कुमारी द्वारा यात्रा की जा रही है।

कार्यक्रम में ग्वालियर से पधारी ब्रह्म कुमारी ज्योति दीदी द्वारा प्रेरणादायक उद्बोधन में बताया कि हमे हमारे सही कर्म एवं आचरण से समाज में बदलाव लाया जा सकता है। बी के हरीश ने अपने उद्बोधन में बताया कि शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। सही सोच के साथ ही समाज की कुछ सही किया जा सकता है।

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन ने बताया कि श्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। सहायक आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि 9 सितम्बर को पेटलावद में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।