सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित ‘सेवा मेरा योगदान’ गतिविधियों के तहत रविवार को वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता की भावना को सुदृढ़ करने के साथ युवा पीढ़ी और वरिष्ठजनों के बीच संवाद, आत्मीयता एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 1 अक्टूबर को मनाया जाता है और इसी उपलक्ष्य में आज वरिष्ठजनों के सम्मान एवं अंतर-पीढ़ीगत संवाद का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि समय के साथ पीढ़ियों के बीच अंतर और जीवनशैली में परिवर्तन स्वाभाविक है, लेकिन वरिष्ठजनों से मिलने वाले संस्कार, अनुभव, सम्मान और जीवन मूल्यों का महत्व सदैव बना रहता है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पहले संयुक्त परिवारों में कई पीढ़ियां एक साथ रहती थीं, जिससे बच्चों को अपने बुजुर्गों के अनुभव, संस्कार एवं जीवन मूल्यों को करीब से जानने और उनका अनुसरण करने का अवसर मिलता था। वर्तमान में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में बच्चे मोबाइल एवं आधुनिक तकनीक से बहुत कुछ सीख रहे हैं, लेकिन यह आवश्यक है कि वे तकनीक का सकारात्मक उपयोग करें और इसकी दौड़ में अपने संस्कार एवं पारिवारिक मूल्यों को न भूलें।
उन्होंने कहा कि समाज को संस्कारवान बनाने में वरिष्ठजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बुजुर्ग परिवार में वटवृक्ष के समान होते हैं। वृद्धजन हमारी धरोहर हैं, उनका सम्मान करना और आने वाली पीढ़ी को भी उनके सम्मान एवं अनुभवों का महत्व समझाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ गतिविधि के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में अंतर-पीढ़ीगत संवाद की यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। वरिष्ठजन समाज में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वे हमारी परंपराओं, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संवाहक हैं और अपने अनुभवों के माध्यम से नई पीढ़ी को उनसे परिचित कराते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम दोनों पीढ़ियों को एक-दूसरे के अनुभव एवं विचार साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कलेक्टर डॉ. भरसट ने प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के श्री ललित त्रिवेदी द्वारा डे-केयर सेंटर की मांग पर कहा कि प्रशासन द्वारा इस दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने वरिष्ठजनों से निरंतर संवाद बनाए रखने तथा अपने विचार, सुझाव एवं आवश्यकताएं प्रशासन के साथ साझा करने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने बताया कि 07, 08 एवं 09 अक्टूबर को श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंदौर के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ एवं सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से शिविर का लाभ लेने का आग्रह करते हुए बताया कि आवश्यकता के अनुसार फॉलोअप उपचार एवं ऑपरेशन के संबंध में भी प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की जयंती दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज एवं भारत सरकार के मध्य हुए एमओयू के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करने और पीढ़ियों के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और युवा पीढ़ी के बीच नियमित संवाद से अनुभव एवं आधुनिक सोच का बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
इस दौरान प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से श्री ललित त्रिवेदी ने डे-केयर सेंटर की मांग रखी। श्री जयेन्द्र बैरागी ने भी अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए नई पीढ़ी के साथ संवाद एवं वरिष्ठजनों के अनुभवों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, ज्ञान एवं मार्गदर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा उनके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और आत्मीयता की भावना को और सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्री भानु भूरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्रीमती हेलेन वसुनिया, विभिन्न पेंशनर समूहों के सदस्यगण, वृद्धजन, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


