बुढ़ापे में बेटे-बहू घर से निकाल दें या खर्च देना बंद कर दें — ऐसी स्थिति में कानून बुज़ुर्ग के साथ खड़ा है, यह बात नैनपुर के बहुत से वरिष्ठ नागरिकों ने गुरुवार को पहली बार विस्तार से सुनी। मंडला जिले की नगर पालिका नैनपुर के मंगल भवन में अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मकसद वरिष्ठजनों के अधिकारों का संरक्षण और समाज में उनके प्रति संवेदनशील नज़रिया विकसित करना बताया गया।
कार्यक्रम में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि शिकायत कहाँ और कैसे की जाती है, इसके लिए प्रचलित नियम क्या हैं और न्यायिक व्यवस्थाएँ किस तरह काम करती हैं। अधिकारों की जानकारी न होना ही अक्सर सबसे बड़ी अड़चन साबित होती है, इसलिए पूरा सत्र इन्हीं व्यावहारिक बिंदुओं पर केंद्रित रहा।
कानून की बात, सीधे बुज़ुर्गों के सामने
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्ण पंजवानी ने की। श्री अजीत सिंह मरावी ने वरिष्ठजनों के अधिकारों और माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी दी। सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री जयदीप गोविंद और सामाजिक न्याय विभाग से श्री राजेंद्र झरिया भी मौजूद रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद श्री सुनील विश्वकर्मा, श्रीमती लक्ष्मी परते, पार्षद मंसाराम बेगन, नैनपुर के टीआई श्री लक्ष्मण सिंह सरस और सीएमओ श्री सुभाष सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। संचालन श्रीमती विद्या बरवै ने किया और आभार श्रीमती कामिनी रजक ने व्यक्त किया।
उसी छत के नीचे स्वास्थ्य परीक्षण
इसी अवसर पर आयुष विभाग ने मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया। डॉ. नीता भलावी राव, डॉ. संगीता उइके और डॉ. अंजुलता मरकाम सहित चिकित्सा दल ने लगभग 115 वरिष्ठजनों की जाँच की। जाँच के बाद ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों को आवश्यक दवाइयाँ भी वहीं उपलब्ध कराई गईं।
इस तरह एक ही आयोजन में बुज़ुर्गों को दो चीज़ें मिलीं — अपने कानूनी हक़ की जानकारी और बिना किसी खर्च के सेहत की जाँच। छोटे शहरों और कस्बों में, जहाँ अलग-अलग दफ़्तरों के चक्कर काटना ही बड़ी बाधा होती है, इस तरह के एक ही जगह पर सेवाएँ देने वाले आयोजन का व्यावहारिक महत्व है।
आगे क्या
भरण-पोषण अधिनियम, 2007 के तहत बुज़ुर्ग माता-पिता अपने भरण-पोषण के लिए दावा कर सकते हैं और इसके लिए अलग शिकायत निवारण व्यवस्था बनी हुई है। कार्यक्रम में इसी व्यवस्था की जानकारी दी गई, इसलिए नैनपुर क्षेत्र के जिन वरिष्ठ नागरिकों को ऐसी दिक्कत है, वे नगर पालिका कार्यालय या जिले के सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।






