सेवा-संकल्प अभियान अंतर्गत “कहानी बदलाव की” में ग्राम पारा निवासी युवा श्री चेतन कहार की स्वरोजगार की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद चेतन ने नौकरी की तलाश के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया। अपने इस संकल्प को उन्होंने मेहनत, लगन और शासन की योजना से मिले सहयोग के माध्यम से साकार किया।

श्री चेतन कहार ने ग्राम पारा में ‘पोपुलर बेकरीज’ के नाम से बेकरी उत्पादों की इकाई स्थापित की। व्यवसाय की स्थापना एवं विस्तार के लिए उन्हें वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा, पारा से 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। लगभग 15 लाख रुपये के कुल निवेश से स्थापित उनकी इकाई वर्तमान में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

चेतन द्वारा अपनी इकाई के माध्यम से विभिन्न प्रकार के बेकरी एवं खाद्य उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। व्यवसाय के व्यवस्थित संचालन से वर्तमान में उन्हें लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि स्वरोजगार की शुरुआत करने वाले चेतन आज स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ 5 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, झाबुआ के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिले वित्तीय सहयोग ने चेतन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना से मिली सहायता ने उनके स्वरोजगार के विचार को एक सफल उद्यम का स्वरूप देने में सहयोग किया।

चेतन की यह “कहानी बदलाव की” बताती है कि शासन की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर युवा अपने कौशल और मेहनत को उद्यम में बदल सकते हैं। चेतन आज न केवल अपने परिवार के लिए आय का स्थायी माध्यम तैयार कर चुके हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे रहे हैं।