संचालनालय सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के मार्गदर्शन में मंगलवार को केशव इंटरनेशनल स्कूल, झाबुआ में अटल वयोश्री योजना अंतर्गत अंतर-पीढ़ी जुड़ाव कार्यक्रम (इंटर जनरेशनल बॉन्डिंग प्रोग्राम) का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों के अनुभव, ज्ञान, कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से साझा कर दोनों पीढ़ियों के बीच संवाद और जुड़ाव को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी तक पारंपरिक कला एवं संस्कृति के हस्तांतरण के उद्देश्य से पिथौरा आर्ट वर्क का विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान पद्मश्री श्री रमेश परमार ने छात्र-छात्राओं को झाबुआ की पारंपरिक जनजातीय गुड़िया बनाने की कला एवं पिथौरा आर्ट के संबंध में जानकारी देते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए और उन्हें अपने हाथों के हुनर को विकसित कर आत्मनिर्भर बनने की सीख दी।
पद्मश्री श्री परमार ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ पारंपरिक कला विधाओं को सीखने एवं उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कला केवल संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का माध्यम ही नहीं, बल्कि हुनर के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करती है।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से श्रीमती निधि ठाकुर ने अटल वयोश्री योजना एवं अंतर-पीढ़ी जुड़ाव कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से वरिष्ठजनों के अनुभवों, पारंपरिक ज्ञान एवं कौशल से युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती शालू जैन ने वरिष्ठजनों के महत्व को रेखांकित करते हुए उनकी तुलना पौधे की जड़ों से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मजबूत जड़ों के बिना कोई पौधा विकसित नहीं हो सकता, उसी प्रकार वरिष्ठजनों के अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।
इस अवसर पर प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण श्रीमती हेलेन वसुनिया सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



