झाबुआ के नागरिक प्रकृति की रक्षा का अपना संकल्प अब पत्र के रूप में लिखकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। भारतीय डाक विभाग की वर्ष 2026-27 की ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता 31 अक्टूबर तक चलेगी और इसका विषय ‘एक चिट्ठी धरती माँ के नाम: प्रकृति की रक्षा, मेरा वादा’ रखा गया है।
उम्र के आधार पर दो श्रेणियां
प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के लिए खुली है। प्रतिभागियों को 18 वर्ष तक और 18 वर्ष से अधिक आयु की श्रेणियों में बांटा गया है।
दोनों आयु श्रेणियों में अंतर्देशीय पत्र और लिफाफा, दो प्रारूप उपलब्ध हैं। अंतर्देशीय पत्र अधिकतम 500 शब्दों और लिफाफे में भेजा जाने वाला पत्र अधिकतम 1000 शब्दों का हो सकता है।
हस्तलिखित पत्र ही होगा स्वीकार
पत्र हिंदी या अंग्रेजी में लिखा जा सकता है, लेकिन उसका हस्तलिखित होना जरूरी है। इसके साथ प्रतिभागी को आयु संबंधी स्वहस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र देना होगा, जिसमें 1 जनवरी 2026 के आधार पर अपनी आयु श्रेणी का उल्लेख करना है।
पत्र ‘अधीक्षक डाकघर, रतलाम-457001’ के पते पर रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट से भेजा जा सकता है। इसे निर्धारित पते पर हाथों-हाथ जमा करने का विकल्प भी दिया गया है। अंतिम तारीख के बाद पोस्ट किए गए पत्रों पर विचार नहीं होगा।
परिमंडल से राष्ट्रीय स्तर तक चयन
मध्यप्रदेश परिमंडल स्तर पर प्रत्येक उप-श्रेणी के तीन श्रेष्ठ पत्र चुने जाएंगे। इनमें प्रथम स्थान के लिए 25 हजार, द्वितीय के लिए 10 हजार और तृतीय स्थान के लिए 5 हजार रुपये का पुरस्कार तय है।
परिमंडल से चुने गए पत्र अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए नई दिल्ली भेजे जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक उप-श्रेणी में पहले तीन स्थानों के लिए क्रमशः 50 हजार, 25 हजार और 10 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि परिमंडल स्तर के परिणाम 15 दिसंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे।





